दुमका:
दुमका रेलवे कोयला डंपिंग में बुधवार की रात ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे एक मजदूर की कोयला लोडर वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गयी। हादसे में उसके साथ मौजूद बेटे को भी चोट लगी है। मृतक की पहचान जामा प्रखंड की ढोढ़ली पंचायत अंतर्गत ताराजोरा गांव निवासी मंतोष खिरहर के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

बेटे के साथ ड्यूटी से घर लौट रहा था मजदूर
जानकारी के अनुसार, मंतोष खिरहर अपने बेटे राहुल कुमार के साथ दुमका रेलवे कोयला डंपिंग में ड्यूटी करने गये थे। बुधवार की रात करीब आठ बजे दोनों ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोयला लोडर वाहन की चपेट में मंतोष खिरहर आ गये। हादसा इतना गंभीर था कि वह गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों की मदद से मंतोष खिरहर को तत्काल इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में उनके बेटे राहुल कुमार को भी चोटें आयी हैं।
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बेटे ने चालक पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के बेटे राहुल कुमार ने लोडर चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि वाहन चालक यदि सावधानी और सतर्कता से वाहन चलाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। राहुल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुआवजे की मांग, डंपिंग प्रबंधन पर भी उठे सवाल
राहुल कुमार ने बताया कि उसके पिता कोयला डंपिंग में काम करते थे और ड्यूटी समाप्त करने के बाद घर लौटने के दौरान हादसे का शिकार हुए। उन्होंने परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही डंपिंग संचालक/प्रबंधन से भी मामले में उचित सहयोग और मुआवजा देने की मांग की गयी है। परिजनों ने प्रशासन से घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मंतोष खिरहर की मौत की खबर मिलते ही ताराजोरा गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गये हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने तथा घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।