रांची
झारखंड सरकार ने 1999 बैच के सीनियर IAS अधिकारी विनय चौबे को निलंबन मुक्त कर दिया है। सरकार ने ये फैसला चौबे को न्यायालय से जमानत मिलने और कानूनी पेचीदगियों से राहत मिलने के बाद लिया है। गौरतलब है कि बता दें कि विनय चौबे की पोस्टिंग की फाइल बढ़ी है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने चौबे को किसी विभाग में पद स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा है। दूसरे शब्दों में, अब वह सरकार का अंग बनकर फिर से काम करने लगेंगे। विनय चौबे सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद लगभग एक महत्वपूर्ण एक माह पूर्व ही कार्मिक में ज्वाइन कर चुके थे।

शराब और वन भूमि घोटाला मामलों में आया नाम
झारखंड के प्रशासनिक हलकों में इसे एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह कानूनी मामलों के कारण जांच का सामना कर रहे थे। शराब घोटाला और हजारीबाग में वन भूमि घोटाले से संबंधित मामले में उनको जमानत मिली है। विनय चौबे को पिछले महीने अगस्त में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा है कि वे बिना इजाजत देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
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