द फॉलोअप, रांची
झारखंड में हुए उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 159 आरोपितों को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। रांची स्थित अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत ने सभी आरोपितों को 20-20 हजार रुपये के दो-दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी। इससे पहले बुधवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2026 को पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 166 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें अधिकांश परीक्षार्थी शामिल थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात वहां कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर 166 लोगों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह के पांच कथित सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद भी शामिल हैं। इसके अलावा सात महिला आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया था। अदालत में यह बताया गया कि अभ्यर्थियों को जो पेपर मिले थे, उसमें परीक्षा में आए प्रश्न पत्रों में से दो-तीन प्रश्नों के अलावा कोई भी प्रश्न पत्र मैच नहीं कर रहा था इससे यह सिद्ध होता है कि मामले में 159 अभ्यर्थी दोषी नहीं है। गौरतलब है कि पेपर लीक मामले में 166 आरोपितों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अभ्यर्थियों को रटाए जा रहे थे सवाल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराकर संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे। आरोप है कि गिरोह ने अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में रख लिए थे। नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 10 लाख रुपये तक की डील की गई थी। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोपितों के नाम पर बैंक चेक भी दिए थे।

तमाड़ थाना में दर्ज है मामला
इस पूरे मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में 152 पुरुष अभ्यर्थियों, सात महिला अभ्यर्थियों और पांच गैंग सरगनाओं समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपितों को 13 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अब अदालत से जमानत मिलने के बाद सभी आरोपितों को राहत मिल गई है, जबकि पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।