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Jharkhand : प्रदेश में सुखाड़ की स्थिति का आकलन करेगी हेमंत सरकार, अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

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रांची:
झारखंड की पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (Animal Husbandry & Co-Operation Department Jharkhand) ने राज्यभर में सुखाड़ की स्थिति का आकलन कराने का फैसला किया है। इसको लेकर वरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की गयी है। राज्य के वरीय पदाधिकारी सभी 24 जिलों में जाकर सुखाड़ की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। 

फसलों की बुआई नहीं के बराबर
बता दें कि इस साल राज्य के करीब 10 जिलों में 60 से 75 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे फसलों की बुआई नहीं के बराबर हुई है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि राज्य में सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति संथाल की है, जिसमें साहिबगंज, जामताड़ा, गोड्डा, पलामू, देवघर, चतरा और पाकुड़ जिला शामिल है। इन जिलों में बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपनी ना के बराबर हुई है। सरकारी मानक के अनुसार 50% से कम बारिश और 33% से कम फसलों की बुआई होने की स्थिति में सूखाग्रस्त क्षेत्र माना जाता है।

282 मिमी ही हुई बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि 4 अगस्त तक राज्य में करीब 538 मिमी बारिश होनी चाहिए थी लेकिन इस बार 282 मिमी ही बारिश हो पायी जिससे किसान काफी परेशान हैं। बारिश न होने की वजह से धान की रोपनी तक नहीं हो पायी है।


8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य में बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। इसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चतरा, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज, गढ़वा और पाकुड़ समेत पलामू और संथाल के जिलों में 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है।