डेस्क:
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। NCRB ने वर्ष 2021 के अपराधों का आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा दंगे झारखंड में (Most riots in Jharkhand) हुए हैं। NCRB के आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में पूरे देश में कुल 378 सांप्रदायिक दंगे (Total 378 communal riots across the country) हुए थे इनमें से अकेले झारखंड में 100 दंगे हुए।

दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र तो तीसरे नंबर पर बिहार
वही इस आंकड़े में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार सांप्रदायिक दंगों के मामले में झारखंड साल 2021 में एक नंबर पर जबकि महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में साल 2021 में 77 संप्रदायिक दंगे हुए थे। NCRB के आंकड़ों के अनुसार बिहार तीसरे स्थान पर है। बिहार में साल 2021 में 51 दंगे का मामले सामने आए थे। वहीं हरियाणा चौथे स्थान पर है। यहां पर 40 मामले सामने आए थे। राजस्थान और मध्य प्रदेश संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर है। इन राज्यों में 22-22 मामले सामने आए थे। वहीं साल 2021 में असस में 77 सांप्रदायिक दंगों से संबंधित कांड दर्ज किए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में सामान्य दंगों की देशभर में 4166 रिपोर्ट हुई। इन आंकड़ों में 1426 मामले झारखंड में दर्ज हुए हैं।
झारखंड में हुए दंगों के 80% आरोपी गिरफ्तार
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में हुए दंगों के 80% आरोपियों की गिरफ्तारी कर लिया गया है। वहीं 20% दंगों के आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। साल 2021 में झारखंड में दंगों के आरोप में 2000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। साल 2022 में झारखंड की राजधानी रांची सहित कई शहरों में सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए हैं। राजधानी रांची में तो 10 जून को मेन रोड में हुए सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। इसमें दो युवक की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच अभी तक की जा रही है। हालांकि NCRB के आंकड़ों में साल 2022 का जिक्र नहीं है। बता दें कि NCRB के आंकड़े 1 साल पूर्व के जारी किए जाते हैं।

लगातार बढ़ रहा अपराध के आंकड़ा
झारखंड में हर वर्ष बच्चों से अपराध के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। NCRB के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2019 में जहां 1674 बच्चों से अपराध हुआ, वहीं वर्ष 2020 में 1795 व वर्ष 2021 में 1867 में बच्चों से अपराध की घटनाएं घटी हैं। महिलाओं से अपराध का आंकड़ा भी आठ हजार से अधिक रहा। वर्ष 2019 में 8760 महिलाओं से अपराध हुआ। वर्ष वर्ष 2020 में 7630 व वर्ष 2021 में 8110 महिलाएं अपराधियों के निशाने पर रहीं।