रांची
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार और गुजरात सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही एक खबर का हवाला देते हुए गुजरात में चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टियों और उन्हें मिलने वाले चंदे को लेकर सवाल उठाए। विनोद पांडेय ने कहा कि यह पूरा मामला गुजरात से जुड़ा हुआ है और चुनाव आयोग से भी यह मामला जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में 2800 पार्टी रजिस्टर्ड है। इनमें 6 राष्ट्रीय पार्टी और 60 से ज्यादा क्षेत्रीय पार्टी हैं। गुजरात अपने में चर्चित राज्य है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी के अंदर ऐसी पार्टियां होना चिंता का विषय है, जो रजिस्टर्ड हैं लेकिन अनरिकॉग्नाइज्ड पार्टी के रूप में जानी जाती हैं। ऐसी पार्टियों को करोड़ों रुपये चंदा मिलता है, जबकि ये पार्टियां चुनाव नहीं लड़ती हैं।

पार्टियों को हजार करोड़ से लेकर 138 करोड़ का चंदा मिलता है
विनोद पांडेय ने कहा कि ऐसी पार्टियों को हजार करोड़ से लेकर 138 करोड़ का चंदा मिलता है। बीजेपी को छोड़ किसी राजनीतिक दल को इतना चंदा नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि अकेले गुजरात के अंदर ऐसी 10 पार्टियां हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये पार्टियां चुनाव नहीं लड़तीं, फिर इन्हें इतना चंदा क्यों मिलता है। उन्होंने कहा कि आखिर चुनाव आयोग है कहां? आयकर विभाग कहां है? ED और CBI इन चीजों को गंभीरता से क्यों नहीं लेती? झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टियों के बीच ऐसी पार्टियों का होना चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और गुजरात सरकार से इस पूरे मामले पर सवालों का जवाब देने की मांग की।
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