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जमशेदपुर : टाटा जूलॉजिकल पार्क में घुसा पानी, मिथुन डूबा वहीं हेमा ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान

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जमशेदपुर:
झारखंड (Jharkhand) में पिछले कई घंटों से हो रही लगातार बारिश (incessant rain in State) से जहां एक तरफ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, इसका असर टाटा जूलोजिकल पार्क (Tata Zoological Park) में रहने वाले जानवरों पर भी पड़ा है। पार्क के निचले इलाके में पानी भर जाने के कारण बचने की कोशिश में लगे एक तेंदुए की डूबने से मौत (death of a leopard by drowning) हो गई है,जबकि उसके साथ रही मादा तेंदुए ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई है। इसकी जानकारी  टाटा जू प्रबंधन ने दी है।

मिथुन की पानी में डूबने से मौत
प्रबंधन द्वारा बताया गया कि 20 अगस्त की शाम मादा तेंदुआ एक पेड़ पर चढ़ गई जबकि मिथुन नर तेंदुआ तैर रहा था। वृद्धावस्था के कारण काफी संघर्ष करने के बावजूद वो उपयुक्त जगह पर नहीं बैठ सका। जानकारी मिलने पर बचाव दल वहां पहुंची। करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी बचाव दल मिथुन का पता नहीं लगा सकी। देर रात रेस्क्यू टीम ने नर तेंदुआ मिथुन को पानी से बाहर निकाला और जांच में पाया कि मिथुन की मौत हो गई है।

पार्क के निचले इलाकों में घुसा पानी
बताया जा रहा है कि जमशेदपुर में लगातार बारिश ने जानवरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से टाटा जूलोजिकल पार्क के निचले इलाकों में पानी घुस गया। यहां जू के निचले हिस्से में तेंदुए का बाड़ा है। जिसमें 2 तेंदुआ हैं, नर तेंदुए का नाम मिथुन और मादा तेंदुए का नाम हेमा है। चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार दोनों तेंदुए को भोजन करने के बाद प्रदर्शन क्षेत्र में छोड़ दिया गया था ताकि जलस्तर बढ़ने पर वो किसी पेड़ या अन्य सुरक्षित स्थान पर चढ़ सकें।


साल 2005 में हुआ था मिथुन का जन्म
मिथुन का जन्म साल 2005 में हुआ था। उसे नवंबर 2007 में पश्चिम बंगाल के जलदापारा बचाव केंद्र से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क जमशेदपुर लाया गया था। वर्तमान में मादा तेंदुआ हेमा सुरक्षित है, जिसे निगरानी में रखा गया है।