द फॉलोअप डेस्क
पाकुड़ में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों ने जोरदार एकजुटता दिखाई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। इसी क्रम में पाकुड़ में भी SBI की मुख्य शाखा से बैंककर्मियों ने मुख्य सड़क पर प्रदर्शन किया और विभिन्न बैंकों को बंद करवाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। हड़ताल में SBI, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया,सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक समेत विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। हड़ताल का सबसे प्रमुख मुद्दा सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और बैंक कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान करना है।

सरकारी मंजूरी में देरी से बैंक यूनियनों में नाराजगी
UFBU के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। 23 मई 2015 के Settlement/Joint Note में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की दिशा में सहमति बनी थी। इसके बाद 11 नवंबर 2020 के Settlement/Joint Note में इस विषय पर आगे चर्चा हुई। वहीं 7 दिसंबर 2023 के MOU में सभी शनिवारों को बैंकिंग उद्योग के लिए अवकाश घोषित करने की सिफारिश की गई और 8 मार्च 2024 के 12वें Bipartite Settlement/Joint Note में आवश्यक सरकारी मंजूरी के बाद इसके कार्यान्वयन की बात दर्ज की गई। यूनियन नेताओं का कहना है कि इसके बावजूद अंतिम सरकारी मंजूरी में लगातार देरी हो रही है। बैंक यूनियनों का तर्क है कि बैंकिंग सेवाएं तेजी से डिजिटल हुई हैं और अधिकांश वित्तीय संस्थान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं, ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना समय की जरूरत है।
.jpeg)
11 सितंबर की हड़ताल के बाद आगे की रणनीति
यूनियन के मुताबिक इस मुद्दे पर सरकार के स्तर पर पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। मार्च 2025 में प्रस्तावित हड़ताल के दौरान उच्च स्तर पर मामले पर विचार किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता गया। UFBU ने 27 जनवरी 2026 को भी पांच दिवसीय बैंकिंग समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। ठोस निर्णय नहीं होने के बाद 11 सितंबर 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। अब यूनियन ने आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। पाकुड़ में भी बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समेत सभी लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही है।