पलामू:
झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। छात्रों के मुद्दे को लेकर बीजेपी अब सड़क पर उतर गई है। पार्टी लगातार पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रही है। साथ ही, सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।

कथित अनियमितताओं के विरोध में सड़क पर उतरी बीजेपी
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर दर्ज मामलों के विरोध में बीजेपी ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बीजेपी का आरोप है कि राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। पार्टी लगातार मांग कर रही है कि पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए, ताकि कथित गड़बड़ी के पीछे जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सके।
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छात्रों पर दर्ज मुकदमे और FIR वापस लेने की मांग
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि अगर निष्पक्ष जांच होती है, तो मामले में कई बड़े नाम और जिम्मेदार चेहरे सामने आ सकते हैं। पार्टी ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों और FIR को वापस लेने की भी मांग उठाई। बीजेपी का कहना है कि आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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आंदोलन जारी रखने का ऐलान
बीजेपी ने साफ किया है कि वह इस पूरे आंदोलन में छात्रों के साथ खड़ी है। पार्टी का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पलामू सांसद बीडी राम, विधायक आलोक चौरसिया, पांकी विधायक शशि भूषण मेहता और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश समेत बीजेपी के कई नेता मौजूद रहे।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
फिलहाल JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच की बात कही है, वहीं बीजेपी और छात्र संगठन पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।