रांची:
झारखंड के सबसे बड़े हॉस्पिटल RIIMS ने साल 2022 में बायो मेडिकल वेस्ट की रिपोर्ट (Medical Waste Report) जारी की है। रिम्स ने जनवरी 2022 से जून 2022 तक की रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्पिटल की बायो मेडिकल वेस्ट की मात्रा में इजाफा हुआ है। जनवरी 2022 से लेकर जून 2022 तक हॉस्पिटल से 82,649 किलो बायो मेडिकल वेस्ट निकला है।

एजेंसी की तलाश की जा रही है
बता दें कि रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल की व्यवस्था है। हॉस्पिटल कैंपस में ही इंसीनरेटर लगा है जिसमें हॉस्पिटल का वेस्ट डिस्पोज किया जाता है लेकिन मेडिकल वेस्ट की मात्रा में बढ़ोतरी को देखते हुए हॉस्पिटल द्वारा वेस्ट डिस्पोजल के लिए एजेंसी की तलाश की जा रही है। बता दें कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां हर रोज मरीजों की भीड़ होती है। यहां तक की कोरोना काल में जब बाकी अस्पताल मरीजों को लेने से मना कर रही थी तब भी रिम्स में मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आई थी।

वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबिन
येलो डस्टबिन – येलो रंग के डस्टबिन में मानव उत्तक (टिश्यू), ब्लड वाली रूई, पट्टियां, प्लेसेंटा (बच्चे की नाल), मानव के कटे हुए भाग
ब्लू डस्टबिन – ब्लेड्स, दवाओं का कचरा, कांच की टूटी बोतलें, प्लास्टिक की टूटी-फूटी बोतलें आदि सामान
रेड डस्टबिन – सीरिंज, ग्लब्स, पट्टी
वाइट डस्टबिन – निडिल, ब्लड बैग