रांची:
रिटायर्ड आईएएस की पत्नी और निलंबित भाजपा नेत्री सीमा पात्रा (Seema Patra) क आज यानि 31 अगस्त 2022 (बुधवार) को रांची की अरगोड़ा पुलिस (Argora Police) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें उनके आवास अशोक नगर (Ashok Nagar) से गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि सीमा पात्रा पर अपनी नौकरानी सुनीता खाखा (maid sunita khakha) को प्रताड़ित करने व बंधक बनाने का आरोप (allegation of torture and hostage) है। सुनीता फिलहाल रिम्स (RIIMS) में इलाजरत है। सीमा पात्रा के खिलाफ उसके घरेलू नौकरानी के बयान पर पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज ही सीमा पात्रा को अदालत में पेश किया जाएगा और आज ही उसे जेल भेज दिया जाएगा।

रांची से भागने की फिराक सीमा पात्रा
रांची पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने सीमा पात्रा के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।सीमा पात्रा के ऊपर आईपीसी की धारा 323/ 325/ 346 और 374 लगाया गया है। गौरतलब है कि अपनी ही नौकरानी पर बेरहमी से मारपीट करने के आरोपों के बाद सीमा पात्रा गिरफ्तारी के डर से फरार हो गई थी। पिछले 2 दिनों से रांची पुलिस सीमा पात्रा को जगह-जगह तलाश कर रही थी। कई बार उसके संबंधित ठिकानों पर पुलिस ने रेड भी किया था। लेकिन वह हर बार पुलिस से बचकर निकल जा रही थी। इसी बीच अरगोड़ा पुलिस को यह जानकारी मिली की सीमा पात्रा सड़क मार्ग से रांची से भागने की फिराक में है। जिसके बाद उसे धर दबोचा गया।
पीड़ित नौकरानी का आरोप
पीड़ित नौकरानी सुनीता ने आरोप लगाया है कि सीमा पात्रा ने उसे लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा। उसे गर्म तवे से दागा गया। रॉड से सुनीता के दांत तक तोड़ दिए गए। इतना ही नहीं सुनीता ने जीभ से पेशाब साफ करवाने का भी आरोप लगाया है। जब पुलिस ने सुनीता को रेस्क्यू किया था तो वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। फिलहाल सुनीता को रेस्क्यू कराने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसका रिम्स में इलाज किया जा रहा है। सुनीता की सुरक्षा व्यवस्था में दो महिला सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है। मेडिकल फिट होने के बाद पीड़िता सुनीता को कोर्ट में प्रोड्यूस किया जाएगा।

राज्यपाल रमेश बैस ने मामले को गंभीरता से लिया
इस मामले पर राज्यपाल रमेश बैस ने सेवानिवृत्त भाप्रसे के पधाधिकारी की पत्नी सीमा पात्र द्वारा घर में काम करने वाली युवती सुनीता के साथ अत्यंत अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक से पूछा कि अब तक पुलिस द्वारा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। राज्यपाल ने पुलिस की सुस्ती पर अपनी गंभीर चिंता प्रकट की है।