रांची
राजधानी रांची के नेपाल हाउस में गुरुवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की महत्वाकांक्षी ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के साथ विभाग के सचिव, विशेष सचिव एवं सभी निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजना के स्वरूप, लाभार्थियों के चयन, समेकित खेती के मॉडल, सरकारी सहायता, लाभुक अंशदान तथा योजना को आगामी दिनों में मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ राज्य की महिला किसानों के लिए एक फ्लैगशिप योजना बनने जा रही है। कुछ दिनों पूर्व राज्य स्तर पर विभिन्न संस्थाओं, विशेषज्ञों एवं महिला किसानों के साथ बैठक कर उनके सुझाव और अनुभव लिए गए थे। उन्हीं सुझावों के आधार पर समेकित खेती को केंद्र में रखते हुए इस योजना को तैयार किया जा रहा है।
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राज्य में समेकित खेती को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि आज की बैठक इसी प्रक्रिया की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। विभागीय स्तर पर योजना के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इसे मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य में समेकित खेती को बढ़ावा दिया जाए और किसानों की आय एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए। महिला किसानों को इस अभियान से जोड़ते हुए उन्हें खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन एवं बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़ना योजना का प्रमुख उद्देश्य है। ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के तहत फिलहाल एक एकड़ भूमि को आधार बनाकर समेकित कृषि प्रणाली विकसित करने की योजना है। इसके अंतर्गत आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बकरी पालन, सूकर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन, मछली पालन तथा हॉर्टिकल्चर जैसे विभिन्न घटकों को एक ही मॉडल में शामिल किया जा सकेगा।

एक एकड़ भूमि पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी
वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के साथ ऐसा मॉडल विकसित करने की तैयारी है, जिसमें एक एकड़ भूमि पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और अन्य संबद्ध गतिविधियों का बेहतर समन्वय हो। इससे महिला किसान को एक ही इकाई से वर्षभर आय के विभिन्न स्रोत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा फिलहाल तीन-चार अलग-अलग प्रकार के आईएफएस मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। मॉडल को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रत्येक मॉडल में सरकार की ओर से कितनी सहायता दी जाएगी और लाभुक महिला किसान का अंशदान कितना होगा। उन्होंने कहा कि योजना में महिला किसानों की स्वामित्व भावना और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लाभुक का सीमित अंशदान रखा जाएगा। योजना के सफल संचालन की स्थिति में इस अंशदान को वापस किए जाने के प्रावधान पर भी विभाग विचार कर रहा है।

प्रथम चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को इसका लाभ देने का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को इसका लाभ देने का प्रस्ताव है। वर्तमान में एक लाभुक के लिए एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि महिला किसान केवल खेती करने वाली नहीं, बल्कि अपने खेत की पूरी आर्थिक इकाई की संचालक बनें। एक एकड़ भूमि पर समेकित खेती के माध्यम से उन्हें कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी से जोड़कर आय के कई स्रोत उपलब्ध कराए जाएं।” मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ को राज्य की महिला किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और फ्लैगशिप योजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं को अंतिम रूप देने के बाद इसे जल्द ही मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।