द फॉलोअप डेस्क
भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से असम के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएं बाधित हुई हैं, जिसके चलते नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द बहाली का काम तेज कर रहा है। NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि तिनसुकिया डिवीजन के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बहाली का काम चल रहा है, जहां रेलवे के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। सिमलगुरी और लकुवा के बीच, रेलवे की टीमें ट्रैक के किनारे की सुरक्षा (सेस प्रोटेक्शन) और ढांचे को मजबूत करने के काम में जुटी हैं।
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रेलवे ढांचे की बहाली का काम चल रहा है
मौके पर एक बैलास्ट रेक (गिट्टी ले जाने वाली ट्रेन) तैनात की गई है, जबकि क्षतिग्रस्त रेलवे तटबंध को मजबूत करने के लिए वैगनों से बड़े पत्थर (बोल्डर) उतारे जा रहे हैं। सिमलगुरी-नामटियाली सेक्शन में भी रेलवे ढांचे की बहाली का काम चल रहा है, जहां रूट को जल्द खोलने के लिए लगातार पत्थर का चूरा और बड़े पत्थर उतारे जा रहे हैं। अमगुरी-सेलेनघाट सेक्शन में, कमजोर हिस्सों को स्थिर करने के लिए रेत की बोरियों, बांस की पाइलिंग और रेल पाइलिंग का इस्तेमाल करके सुरक्षा और मजबूती का काम किया जा रहा है।

बांस की पाइलिंग और ट्रैक के किनारे की सुरक्षा का काम जारी
सिमलगुरी और शिवसागर टाउन के बीच भी इसी तरह बांस की पाइलिंग और ट्रैक के किनारे की सुरक्षा का काम किया जा रहा है, साथ ही ट्रैक के ढांचे को मजबूत करने और बहाली में तेजी लाने के लिए गिट्टी (बैलास्ट) पहुंचाई जा रही है। शर्मा ने बताया कि सभी प्रभावित जगहों पर 700 से ज़्यादा मजदूरों को तैनात किया गया है, जिनकी मदद के लिए पोकलेन और JCB जैसी भारी मशीनें लगाई गई हैं। क्षतिग्रस्त रेलवे ढांचे को मजबूत करने और बहाली में तेजी लाने के लिए गिट्टी, बड़े पत्थर, रेत की बोरियां, पत्थर का चूरा और रेल लगातार पहुंचाई जा रही हैं। तिनसुकिया डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी बहाली के कामों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि बेहतर तालमेल, संसाधनों की समय पर तैनाती और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
