डेस्क:
बॉयोलॉजिकल-ई कंपनी (Biologicals-E Company) की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन (Corbevax Vaccine) को बुधवार को केंद्र सरकार (Central Government) ने मंजूरी दे दी है। इस वैक्सीन को 18 साल के ऊपर के लोग लगवा सकते है। सूत्रों ने बताया कि यह अनुमति टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह (NTAGI) के कोविड-19 कार्य समूह द्वारा पिछले सप्ताह की गई अनुशंसा पर आधारित है। बता दें कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन पहला टीका है जो पहली और दूसरी खुराक के तौर पर दिए गए टीके से अलग बतौर एहतियाती खुराक दिया जाएगा।

कोवैक्सीन या कोविशील्ड लिए लोग लगवा चुके कॉर्बेवैक्स की बूस्टर डोज
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्युनाइजेशन (NTAGI) ने 2 अगस्त को हेल्थ मिनिस्ट्री से कॉर्बेवैक्स को बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल करने की सिफारिश की थी। भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन कॉर्बेवैक्स का इस्तेमाल फिलहाल 12 से 14 साल ऐज ग्रुप के बच्चों के वैक्सीनेशन में किया जा रहा है। जिस व्यक्ति ने कोवैक्सीन या कोविशील्ड में से कोई भी टीका लिया है वह कॉर्बेवैक्स की बूस्टर डोज को लगवा सकता है।

20 जुलाई की बैठक में तीसरे चरण के आंकड़ों की समीक्षा
कोविड-19 कार्य समूह ने 20 जुलाई की बैठक में तीसरे चरण के आंकड़ों की समीक्षा की। सूत्रों ने बताया, आंकड़ों का परीक्षण करने के बाद सीडब्ल्यूजी ने पाया कि पहली और दूसरी खुराक के तौर पर कोवैक्सीन या कोविशील्ड लेने वालों को कॉर्बेवैक्स तीसरी खुराक के तौर पर दिया जा सकता है, जो उल्लेखनीय स्तर पर एंटीबॉडी (वायरस से लड़ने के लिए) पैदा करता है और तटस्थ आंकड़ों के मुताबिक संभवत: रक्षात्मक भी है।