दिल्ली:
जगदीप धनखड़ ((Jagdeep Dhankhar) ) ने गुरुवार को देश के 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति दौपद्री मूर्मु (Daupadri Murmu) ने राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendre Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) समेत कई नेता मौजूद रहे। बता दें कि 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ था।

बंगाल का 28वां राज्यपाल रहे हैं धनखड़
बता दें कि NDA की ओर से जगदीप धनखड़ और विपक्ष की ओर से मार्गरेट अल्वा उम्मीदवार थे। धनखड़ को कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि अल्वा को 182 वोट मिले। 70 साल के जगदीप धनखड़ को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। वे 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से लोकसभा सांसद रहे। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।

उप-राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से भी बड़े माने जाते हैं
उपराष्ट्रपति का चुनाव देश के लोकतंत्र में काफी मायने रखता है। ये पद कितना अहम है, इसे ऐसे समझा जा सकता है कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति को ही सारी जिम्मेदारियों का निर्वाहन करना होता है। वहीं पद के लिहाज से उप-राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से भी बड़े माने जाते हैं। ऐसे में जो भी इस पद पर आसीन होता है, कई जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का पालन करना जरूरी रहता है।
आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो उप राष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं। जो सदस्य मनोनीत होते हैं, उन्हें भी वोट डालने का अधिकार रहता है।