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दिल्ली : देखना होगा कि दिमाग का इस्तेमाल किया या नहीं, बिलकिस बानों गैंगरेप के दोषियों की रिहाई पर SC सख्त

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डेस्क:
बिलकिस बानो गैंगरेप (Bilkis Banu Gangrape) केस के 11 दोषियों को गुजरात सरकार (Gujarat Government) ने रिहा कर दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र और गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि दोषियों की रिहाई के फैसले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं।  सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 2 सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में उम्मीद जताई जा रही है कि  सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस कदम उठा सकती है। केंद्र और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने उनसे जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत का कहना है कि उनकी ओर से दोर्षियों की रिहाई का आदेश नहीं दिया गया था। सरकार को केवल इस रिहाई नीति पर विचार करने को कहां गया था। यही नहीं कोर्ट ने इस मामले में रिहा हुए 11 दोषियों को भी पार्टी बनाने को कहा है।

बिलकिस बानो ने व्यक्त की थी निराशा
गौरतलब है कि बिलकिस बानो से सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले के दोषी सभी 11 लोगों को भारतीय जनता पार्टी ने (BJP) नीत गुजरात सरकार ने माफी नीति के तहत माफी दे दी थी, जिसके बाद 15 अगस्त को उन्हें गोधरा उप-कारागार से रिहा कर दिया गया था। मामले पर बानो ने कहा था कि, “मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं अब भी स्तब्ध हूं।” 
उन्होंने कहा था कि वह सिर्फ इतना ही कह सकती,किसी महिला के लिए न्याय ऐसे कैसे खत्म हो सकता है?”  इस रिहाई के बाद देश भर में सवाल उठे हैं और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।