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सौगात : न्यायिक सेवा से जुड़े कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा पढ़िए

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दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देश के जिला अदालतों समेत सब-ऑर्डिनेट ज्यूडिशियरी (Sub-ordinate Judiciary) को बड़ी सौगात दी है। कोर्ट ने  दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (Second National Judicial Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की सिफारिशों (Recommendations Of Second National Judicial Pay Commission) के आधार पर सबऑर्डिनेट ज्यूडिशियरी में काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) के लिए बढ़ा पे-स्केल (Pay-Scale) लागू करने का निर्देश जारी किया है। 

शपथपत्र दायर करने दिया गया आदेश
कोर्ट ने कहा है कि आयोग की आधार पर संशोधित पे-स्केल 01 जनवरी 2016 से लागू की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एरियर के 25 फीसदी हिस्से का भुगतान अगले 3 महीने में कैश में करना है। इसके बाद अन्य 25 फीसदी का भुगतान अगले 3 महीने में किया गया और बाकी के बचे 50 फीसदी एरियर का भुगतान अगले साल तक किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को इस संबंध में तीन महीने के बाद शपथपत्र दायर करने को कहा है।

क्या है आयोग की सिफारिश
आयोग ने विभिन्न वैकल्पिक तरीकों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट में एक पे-मैट्रिक्स की सिफारिश की। दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग ने सबऑर्डिनेट ज्यूडिशियरी के न्यायिक अधिकारियों व जजों का वेतन 2.81 गुना करने की सिफारिश की। आयोग की इस सिफारिश के अमल में आने के बाद जिन जूनियर सिविल जजों यानी फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट का वेतन 27,700 रुपये है, वह अब बढ़कर 77,840 रुपये हो जाएगा। सेलेक्शन ग्रेड और सुपर टाइम स्केल डिस्ट्रिक्ट जजों के हिस्से को भी क्रमश: 10 फीसदी और 5 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इसी तरह आयोग ने पेंशन को भी बढ़ाने की सिफारिश की है।