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भाजपा-जदयू के लिए लोजपा सबसे बड़ी बाधक, अहम सवाल !, सहमति नहीं बन पाई तो क्या करेंगे चिराग?

भाजपा-जदयू के लिए लोजपा सबसे बड़ी बाधक, अहम सवाल !, सहमति नहीं बन पाई तो क्या करेंगे चिराग?
द फॉलोअप टीम, नई दिल्ली 
बिहार में दो बड़े राजनीतिक गठबंधनों के बीच 'फाइनल सेटलमेंट' होता नहीं दिख रहा है। एक तरफ, सत्ताधारी एनडीए में सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है, तो वहीं चिराग पासवान अब भी जेडीयू के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। दूसरी तरफ, महाठबंधन के भीतर भी सीटों का तालमेल बनता नहीं दिख रहा है। राज्य में महाठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद और कांग्रेस के बीच सीटों पर समन्वय नहीं हो पा रहा है। 

क्या है लोजपा का चौंकानेवाला बयान!
हालांकि इन सबके बीच चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोजपा को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच बीते एलजेपी के जनरल सेक्रेटरी शहनवाज अहमद कैफी ने यह कहकर सबको हतप्रभ कर दिया कि चिराग पासवान उनकी पार्टी के सीएम उम्मीदवार हैं। अब एलजेपी का यह बयान बीजेपी के ताजा बयान से बिल्कुल उलट है। गौरतलब है कि बीजेपी की तरफ से साफ किया जा चुका है कि चुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा, और वो ही राज्य के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।

बीजेपी से मुलाकात का नतीजा सिफर
रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को चिराग पासवान ने भी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सीटों के बंटवारे पर जल्द ही फैसला लेने की मांग की। पिछले दो हफ्तों में पासवान की भाजपा नेतृत्व के साथ यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले 15 सितंबर को पासवान ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर भाजपा को जेडीयू से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। पासवान ने पीएम नरेंद्र मोदी को भी इस पूरे मामले पर पत्र लिखकर अवगत कराया था। पत्र में आगामी चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर होने की बात का जिक्र भी प्रमुखता के साथ किया गया था।

चिराग पर सबकी टिकी निगाहें
चिराग पासवान के राजनीतिक तेवरों को देखते हुए यह भी कयासबाजी की जा रही है कि वो अकेले भी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि जल्द ही यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि चिराग एनडीए के पाले में ही रहेंगे या फिर एकला चलो रे का बिगुल फूकेंगे। इसके पहले उन्हें अपनी राजनीतिक जमीन का अंदाजा भी लगाना पड़ेगा। ये अभी उनके सामने सबसे बड़ा चैलेंज है।