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जन्मदिन विशेष: सुर सामाज्ञ्री लता मंगेशकर की जिंदगी से जुड़ी अनकही कहानियां

जन्मदिन विशेष: सुर सामाज्ञ्री लता मंगेशकर की जिंदगी से जुड़ी अनकही कहानियां

द फॅालोअप टीम, मुंबई: 

भारत की स्वर की रानी कही जाने वाली गायिका लता मंगेशकर आज यानी 28 सितंबर को अपना 92वां जन्मदिन मना रही हैं। लता मंगेशकर ने 6 दशक से भी ज्यादा वक्त तक संगीत की दुनिया को अपनी सुरीली आवाज से सुरों का तोहफा दिया है। अपनी आवाज से कभी उन्होंने लोगों के आखो में आंसू ला दिए, तो कभी कई लोगों की सोई मोहब्बत को भी जगाया। 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था जन्म
लता मंगेशकर का जन्म साल 1992 में मध्य प्रदेश के इंदौर में एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक जाने-माने क्लासिकल सिंगर और थियेटर ऐक्टर थे। लता मंगेशकर का वास्तविक नाम हेमा मंगेशकर था लेकिन उनके पिता के एक नाटक में एक किरदार के नाम से प्रभावित होकर उनका नाम हेमा से बदलकर लता मंगेशकर रख दिया था।

 

5 साल की उम्र से सीख रही थीं संगीत
लता बचपन से ही गाने में काफी अच्छी थी इसलिए शुरू से ही उनका रूझान उसी तरफ था। जिस उम्र में बच्चे खिलौने से खेलते हैं उस उम्र में लता मंगेशकर ने पिता के साथ बैठकर संगीत सीखना शुरू कर दिया था। 5 साल की उम्र में लता अपने पिता के साथ संगीत और नाटकों में ऐक्टिंग करने लगी थी। इस तरह गायिकी के साथ-साथ लता मंगेशकर ने एक्टिंग भी शुरू कर दी थी। लता मंगेशकर की आवाज और उनकी काबिलियत के चर्चे हर तरफ होने लगे थे। हर कोई यही कहता था कि ये लड़की एक दिन बहुत आगे जाएगी और पिता का नाम रोशन करेगी और हुआ भी यही। लता मंगेशकर स्वर कोकिला कहलाईं। 

9 साल की उम्र में पहली बार पब्लिक के सामने आई
लता मंगेशकर ने पहली बार 9 साल की उम्र में पब्लिक के सामने गाना गाया था। दरअसल, 1930 के आस पास जब लता मंगेशकर के बाबा अपनी थियेटर कंपनी के टूर पर शोलापुर में थे तो कुछ लोगों ने उनसे गाना की रिक्वेस्ट की तो लता ने यह सुन लिया था। वह बाबा के पास गई और पूछा कि क्या वो भी उनके साथ गाना गा सकती हैं और फिर बाबा मान गए और बस लता मंगेशकर ने अपनी धमाकेदार परफॅार्मेंश दी। लता ने कार्यक्रम में इतना अच्छा गाना गाया कि लोग उनके प्रशंसक बन गये। 

कम उम्र में ही उठ सिर से उठा था पिता का साया
जब लता मंगेशकर मात्र 13  साल की थी तब लता और उनके पूरे परिवार पर मुश्किलों का पहाड़ टूटा जब उनके पिता यानि बाबा का निधन हो गया। उस वक्त लता काफी छोटी थीं। आपको बता दें कि लता अपने घर में सबसे बड़ी थीं तो परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई थी। अपनी पढाई के साथ-साथ अपनी छोटी बहन आशा भोंसले और परिवार की जिम्मेदारी नन्हें कंधों पर उठा ली। वो अपनी बहन को साथ लेकर स्कूल जाती थी, लेकिन जब एक दिन स्कूल वालों ने लता से बहन को साथ स्कूल न लाने को कहा तो उन्होंने पढाई ही छोड़ दी। लता की पढ़ाई छूट चुकी थी और आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। 

पिता के मौत के बाद छोड़ दिया था स्कूल 
घर की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए लता मंगेशकर ने स्कूल त्याग दिया दिया था। 14 साल की उम्र तक लता बड़े-बड़े नाटकों और प्रोग्राम में काम करने लगीं थी। पिता की मौत के बाद मंगेशकर परिवार के करीबी दोस्त रहे मास्टर विनायक ने लता मंगेशकर के करियर में बहुत मदद की थी। उन्होंने लता को एक सिंगर और एक्ट्रर के रूप में शुरू करने में सहारा दिया।  जहां एक तरफ लता मंगेशकर का करियर दिनों-दिन नई ऊंचाइयां छू रहा था, वहीं दूसरी ओर उनकी बहन आशा भोंसले के साथ मतभेद शुरू हो गए। 

इस वजह से बहन आशा से हो गया था मतभेद
बताया जाता है कि बहन आशा भोंसले प्रेम विवाह करना चाहती थीं। जब आशा ने प्रेम विवाह करने के लिए घर में बात की तो लता ने उन्हें खूब समझाने की कोशिश की थी। लता उनके बर्ताव से बेहद नाराज भी भी हुई थीं। इसी पर दोनों बहनों के बीच अनबन हो गई थी। बाद में आशा भोंसले ने गणपतराव भोसले से शादी भी कर ली। गणपतराव भोंसले का 1966 में निधन हो गया था। इसके बाद आशा भोंसले ने आरडी बर्मन से शादी की थी ,लेकिन 1994 में उनकी भी मौत हो गई थी। लता और आशा के बीच मतभेद जारी रहा। 


लता मंगेशकर ने आजीवन नहीं की शादी
खबरों के अनुसार 2011 में दिए इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने शादी के सवाल के जवाब में कहा था, जो कुछ भी होता है वो अच्छे के लिए होता है। अगर आप मुझसे ये बात 4 या 5 दशक पहले पूछते तो शायद कुछ और जवाब मिलता। आज शादी को लेकर मेरे मन में ऐसा कोई विचार नहीं है कि हां मेरी भी  शादी होनी चाहिए थी। आपको बता दें लता ने 20 भाषाओं में 30,000 गाने गाए हैं और अपनी सुरीली आवाज के दम पर लोगों के दिलों में उतर गईं थी। लता मंगेशकर आज भी लोगों के दिलो में राज करती हैं 

कोरोना के कारण जन्मदिन नहीं मनाएंगी लता
आज लता मंरेशकर के जन्मदिन के अवसर पर पूरे देश के लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं, लेकिन लता पिछले साल की तरह इस साल भी अपना बर्थडे सेलिब्रेट नहीं करेंगी। लता ने इसका कारण भी बताया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लता मंगेशकर कोरोना वायरस के कारण इस साल भी अपना जन्मदिन नहीं मनाएगी। उन्होंने कहा, कोरोना महामारी को 1 साल से ज्यादा हो गया है। कोरोना महामारी आने के बाद यह मेरा दूसरा जन्मदिन है। ऐसे मेरे लिए सबसे बड़ा गिफ्ट यही है कि मेरे परिवार वाले मेरे साथ हैं। अभी ऐसे भी कई लोग हैं जिन्होंने 1 साल से अपने परिवार और बच्चों कि शक्ल तक नहीं देखी हैं। ऐसे वक्त में कौन केक और कैंडल के बारे में सोचता है।