झारखंड राज्य स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई है। रांची के मोरहाबादी मैदान में भव्य पंडाल बनाया गया है। रोजगार मेला के तहत राज्य के 18 हजार से अधिक युवाओं को आज नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में रांची विश्वविद्यालय के प्रस्तावित नए कैंपस को लेकर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि त्योहार में कहीं भी हिंसा की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। इससे ना केवल जानमाल का नुकसान होता है बल्कि राज्य की छवि भी धूमिल होती है।
खनन पट्टा लीज आवंटन को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कभी भी उनके प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बरही के भवन निर्माण कार्य में सरकारी राशि का गबन हुआ है। गबन का आरोप सुनील कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता पर लगा है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए अभियंता के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी है।
राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी टाना भगत संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की
साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन से रांची लौट रहे थे। इस दौरान उन्होंने पाकुड़ रेलवे स्टेशन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियुक्ति से जुड़ी लक्ष्मीकांत गुइन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान कई मामलों में ये सामने आया है कि सरकार स्वीकृ पदों के खिलाफ लगातार आउटसोर्स पर नियुक्ति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि अपराधियों से निपटने के लिए आप कठोरता से कार्रवाई करते हैं । वहीं, महिला और पारिवारिक मामलों में पूरी संजीदगी और संवेदना के साथ आपको अपनी जिम्मेदारियों को निभाना होता है ।
झारखंड में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच ओपनियन मेटर्स अ रेटिंगोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से एक सर्वे किया गया। इसमें ताजा सियासी हालात पर आम जनता की राय ली गई। इसमें जनता से कुछ सवाल पूछे गए और उस जवाब के आधार पर रिपोर्ट तैयार हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 वर्षों तक कोरोना से जंग होती रही और इसमें हमने कामयाबी हासिल की। अब कम बारिश से सुखाड़ जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। ऐसे में सुखाड़ से जंग की तैयारी भी सरकार ने शुरू कर दी है। सूखे की वजह से किसानों- मजदूरों का पलायन नहीं हो और