झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर बड़़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। स्पष्ट है कि झारखंड में पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के होगा। दरअसल, गिरिडीह से आजसू पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने
पंचायत सीजन-2 के रिलीज़ डेट की घोषणा कर दी गई है। इसी महीने की 20 तारीख से अमेज़न प्राइम वीडियो पर यह उपलब्ध होगा। अमेज़न ने लिखा इंतेज़ार खत्म अब फिर लगेगी पंचायत। पंचायत सीजन 1 काफी चर्चा में रहा था
भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को पंचायत चुनाव से जुड़ा एक पत्र लिखा है। कहा है कि पंचायत चुनाव के लिये नामांकन,स्क्रूटनी आदि की प्रक्रिया चल रही है। राज्य के कई प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की मनमानी भी उजागर हुई है
झारखंड में 4 चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शनिवार यानी आज से शुरू हो जाएगी। प्रथम चरण चुनाव के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी शनिवार को इसकी सूचना जारी करेंगे।
झारखंड में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। राज्यपाल रमेश बैस ने शनिवार को प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के सरकार के फैसले को स्वीकृति प्रदान की। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत निकाल में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य तथा
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने राज्य में होने वाले पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षित विभिन्न स्तर के हजारों पदों को समाप्त किए जाने के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्
झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पंचायत चुनाव-2022 में ओबीसी आरक्षण के लिए अलग-अलग स्तर के 9 हजार 77 पदों को समाप्त कर दिया गया है। अब पंचायत चुनाव में अनारक्षित सीटों की संख्या बढ़कर 34 हजा
पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में तक पहुंच गया है। आजसू नेता सह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने आरक्षण देने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पंचायत चुनाव नहीं होने से राज्य सरकार को 700 से 800 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जिस ट्रिपल टेस्ट के बारे में हमेशा सदन में बात आ रही है उसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में कहीं यह नहीं कहा गया है कि ट्रिपल टेस्ट कराए बगैर
पंचायत सचिव व निम्नवर्गीय लिपिक नियुक्ति के 11 गैर अनुसूचित जिले तथा राज्य स्तरीय पदों हेतु बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय के कोर्ट नंबर 3 में न्यायाधीश एसएन पाठक के बेंच में सुनवाई हुई। WP(S):- 945/2021 (विकास कुमार सिंह व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य),
"आप लोग सीएम हेमंत सोरेन के पास फोकस करें, हम लोग आपके साथ हैं। सीएम से मिलिए। हमीं लोग के चलते अभी तक वेकैंसी बचा हुआ है, नहीं तो क्या होता आप लोग को पता है ना"। ये कहना था राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम का । दरअसल ये बातें उन्होंने दुमका में त
झारखंड में बजट सत्र जारी है। शुक्रवार को सदन में पंचायत सचिव अभ्यर्थियों का मामला उठा। शून्यकाल के दौरान आजसू विधायक लंबोदर महतो ने पंचायत सचिव अभ्यर्थियों का मामला उठाया। कहा कि बीते पांच साल से पंचायत सचिव अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार है।