झारखंड में मौसम का मिजाज बदल रहा है। राजधानी रांची में बुधवार सुबह से ही रिमझिम-रिमझिम बारिश हो रही है। मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान किया है कि बुधवार और गुरुवार को राजधानी सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है।
राजधानी रांची के मौसम ने सोमवार को अचानकर ही करवट ली। शाम 6 बजे के बाद अचानक ही आंधी-तूफान के साथ बारिश होने लगी।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। इससे जान-माल का भी नुकसान हुआ है। पलामू और लातेहार में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गयी है।
झारखंड में मॉनसून सक्रिय है। मंगलवार को रांची में सामान्य बारिश के आसार हैं। वहीं उत्तरी भाग के पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, देवघर, धनबाद, दुमका सहित कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
झारखंड में मॉनसून धीमी गति से चल रहा है। दो दिनों से मानसून कोल्हान व संताल क्षेत्र में ही अटका हुआ है।
रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में बुधवार की रात बारिश से तापमान लुढ़का है। करीब दो महीने के बाद गर्मी से लोगों को हल्की राहत मिली है। उधर कोल्हान, संताल समेत राज्य के अन्य जिलों में भी पारा गिर गया है,
पूरे झारखंड में भीषण गर्मी पड़ रही है। आलम यह है कि बुधवार को रांची का तापमान अधिकतम 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
झारखंड में मौसम के बदलाव के कारण राजधानी का अधिकतम तापमान बुधवार को 36 डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेसि रहा।
उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक विस्तारित साइक्लोनिक सर्कुलेशन टर्फ लाइन और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दवाब क्षेत्र की वजह से आनेवाले दिनों में राज्य के पूर्वी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मौसम का मिज
उत्तरी-पश्चिमी भारत में 16 मई से और पूर्वी भारत में 18 मई को पहुंचेगा। झारखंड में 13 से 17 जून के बीच मानसून पहुंच जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए राज्य में संचालित सभी 108 एंबुलेंस में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके लिए सभी 108 एंबुलेंस में आईवी फ्लूड्स, ओआरएस, आईस पैक, कोल्ड वाटर के साथ आपातकालीन जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने को कहा गया।
इन दिनों झारखंड के अलग-अलग जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो रही है। बारिश से एक तरफ जहां गर्मी से राहत मिल रही है तो वहीं हजारीबाग में अलग-अलग जगह वज्रपात होने से तीन, जबकि चतरा के टंडवा में एक व्यक्ति की मौत हो गई।