ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 25 सीटों पर दांव लगाया था, जिनमें 23 मुस्लिम उम्मीदवार थे।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा," मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था... और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।"
मोतीपुर थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक मकान में लगी आग ने एक ही परिवार के पांच लोगों की जान ले ली।
बिहार चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने अभूतपूर्व समर्थन दिया है। उन्होंने शुरुआत में कहा, "जय छठी मइया… ये प्रचंड जीत, ये अटूट विश्वास… बिहार के लोगों ने ग़दर म
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपनी हार को राजनीति का अंत नहीं, बल्कि “जयचंदों की करारी हार” बताया।
पहली राजनीति में उतरी मैथिली ठाकुर ने एक बड़ी जीत दर्ज कर ली है। भाजपा ने इस बार अलीनगर से मैथिली ठाकुर को मौका दिया था, जिसके बाद उन्होंने 84,915 वोट लाकर राजद प्रत्याशी बिनोद मिश्रा को 11,730 वोटों से हर दिया है।
तारापुर विधानसभा सीट से इस बार एक बार फिर सम्राट चौधरी ने बाजी मार ली है। उन्होंने 1,22,199 वोट लाकर जीत दर्ज कर लिया है। सम्राट चौधरी ने राजद प्रत्याशी अरुण कुमार को 45,820 वोटों से हराकर यह जीत दर्ज की है।
मनेर से राजद प्रत्याशी भाई वीरेंद्र 20,034 वोटों से चुनाव जीत चुके हैं। वहीं लोजपा(R) के प्रत्याशी जितेंद्र यादव 90,764 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे हैं।
रघुनाथपुर विधानसभा से दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहब ने बाजी मार ली है। उन्होंने 70,229 वोट लाकर जीत दर्ज की है। ओसामा शाहब ने जदयू के विकास कुमार सिंह को 16,144 वोटों से हराया है।
मोकामा विधानसभा से जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह 91,416 वोट लाकर चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को 28,206 वोटों से हरा दिया है।
बिहार चुनाव के रुझानों में एनडीए की भारी और एकतरफा बढ़त के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बीजेपी को खुला निशाना बनाया।