नीतीश कुमार के विवादित बयान देने पर तेजस्वी यादव ने उनका बचाव किया है। इसके बाद तेजस्वी जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के निशाने पर आ गये। प्रशंत ने कहा कि आप कितने पढ़े-लिखे हैं, जनता को ये बात मालूम है।
सी भाषा में भद्दी बातें की.....उन्हें कोई शर्म नहीं है। कितना नीचे गिरेंगे। पूरे दूनिया में देश का अपमान करवा रहे हैं।
मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगता हूं। मैं अपनी खुद निंदा करता हूं। मैं न सिर्फ शर्म कर रहा हूं बल्कि दुख भी प्रकट करता हूं।
मंगलवार को मीडिया से मुखातिब सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति की आरक्षण सीमा में 4 फीसदी का इजाफा होना चाहिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार तत्काल माफी मांगें।
जनसंख्या नियंत्रण समझाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री अपनी मर्यादा भूल गए। दरअसल सीएम ने शादी को लेकर ऐसी टिप्पणी की जिसे सुन सदन में अजीब-सा महौल हो गया। जहां पुरुष विधायक मुंह दाब कर हंसने लगे वहीं महिलाएं सिर झुकाकर बैठी रही।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में पिछड़ा वर्ग के 33.16%, सामान्य वर्ग में 25.09%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33.58%, SC के 42.93% और ST 42.7% गरीब परिवार हैं। सवर्णों में 25.9 प्रतिशत परिवार गरीब हैं, उनमें भूमिहार और ब्राह्मण की तादाद ज्यादा है।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जातिगत सर्वे के बहाने आज नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर हमला बोला। कहा कि इस सर्वे से दोनों नेताओं को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
मामला गोपालगंज के श्रीपुर ओपी के चतुर्भुज गांव का है। पीड़ित परिजनों के मुताबिक उस्मान मिर्या के एक जमीन पर हमलावर परिवार ने अपना धान का पुआल रखा था। जिसे लेकर वो लोग विरोध कर रहे थे। जिसके बाद पहले व्हाट्सएप पर कब्र खोदने की धमकी दी।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने फिर से नीतीश कुमार पर तंज किया है। कहा, नीतीश को बोलना कुछ और रहता है और वे बोलते कुछ और हैं।
बिहार की राजधानी पटना में एक पिता ने अपने बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी है। दरअसल बेटा मामूली विवाद में अपनी को पीट रहा था। इसी से आक्रोशित पिता ने बेटे की ईंट पत्थर से कूचकर बेटे की जान ले ली।
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने 1 लाख 20 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया है। इसे बिहार में अब तक की सबसे बड़ी बहाली बताया गया है।