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राज्यपाल में गोड्डा में किया जनसंवाद, कहा- लोकतंत्र में राज्यपाल शासक नहीं,जनता का सेवक है

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द फॉलोअप डेस्क
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन संताल परगना के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने गोड्डा के सुंदरपहाड़ी प्रखंड मुख्यालय स्थित फुटबॉल मैदान में जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और स्कूली बच्चों से सीधा संवाद किया। आजीविका मिशन की एक लाख महिलाएं इसमें जुड़ी थी। यहां महिलाओं ने अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया। स्कूली छात्राओं ने स्कूली शिक्षा की बेहतरी की कहानी बताई।


लोगों से उनके क्षेत्र व जीवन की समस्या जाननी चाही
राज्यपाल ने लोगों से उनके क्षेत्र व जीवन की समस्या के शिक्षा व्यवस्था में कमियां के बारे में बच्चों से जानना चाहा। इसमें ज्यादातर लोगों ने सरकार की तारीफ की और सरकार के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल अंग्रेजी भाषा में संवाद कर रहे थे, जिसका हिंदी अनुवाद उपायुक्त जीशान कमर कर रहे थे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए गए थे। जगह-जगह जिला प्रशासन ने राज्यपाल के स्वागत में होर्डिंग लगाए थे। राज्यपाल ने शिक्षा के अलख जगाने में शिक्षक की महत्व पर प्रकाश डाला।
 अगले तीन दिनों में शेष तीन जिले का करेंगे दौरा
इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में राज्यपाल शासक नहीं हैं लेकिन जनता के सेवक हैं। उन्होंने आगे बताया कि झारखंड में उन्होंने 7000 किमी सड़क मार्ग पर सफर कर 21 जिले का दौरा किया है। अगले तीन दिनों में शेष तीन जिले का दौरा कर राज्य के सभी 24 जिलों को कवर करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक परिवार को नल से शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना चलाई है। इसका लाभ सुंदरपहाड़ी जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवार को भी मिलना चाहिए।उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों को मिले, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन का दायित्व है।


सरकार की कमियों को भी गिनाया
गौरतलब है कि हाल के दिनों में एक बार फिर से झारखंड सरकार और राज्यपाल के बीच खटास बढ़ने लगी है। यह कड़वाहट पूर्व राज्यपाल रमेश बैश के समय में भी देखी गई थी। 11 वें राज्यपाल के रूप सीपी राधाकृष्णन राज्य का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। इस दौरान वे सरकार की कमियों का भी उजागर कर रहे हैं। यही बात झामुमो को नागवार गुजर रही है। झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्या ने बिना किसी का नाम लिए ये आरोप लगाया कि राज्यपाल को जिस काम भेजा गया है, वे उस काम में तन्मयता से जुटे हुए हैं। इस पर बीजेपी ने पलटवार किया था। जिसमें कहा था कि राज्यपाल संवैधानिक पद पर हैं। राज्य का भ्रमण करना उनका अधिकार है।

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