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Followup Special News

जब तीन महीने इस गांव में नहीं निकलता सूरज तो जानिये क्‍या करते हैं लोग

पहाड़ों से घिरा हुआ इटली का विगल्लेना गांव

जयंती: तीन युवा लेखकों से समझिये राजेंद्र यादव जैसे लेखक-चिंतक का न होना

राजेन्द्र जी आज हमारे बीच होते तो 92 साल के होते

Health: अमरूद के क्‍या-क्‍या हैं फायदे, इन रोगों में करता है दवा का काम

अमरूद में प्रोटीन 10.5 प्रतिशत, वसा 0. 2 कैल्शियम 1.01 प्रतिशत बी पाया जाता है

काबुल हवाई अड्डे पर खून-खराबे के लिए जिम्मेदार कौन

भारत सरकार की अफगान नीति पर हमारे सभी राजनीतिक दल और विदेश नीति के विशेषज्ञ काफी चिंतित

अफगानिस्तान में तालिबान: आखिर भारत सरकार के रवैए में आई थोड़ी जागृति

'लेखक अफगान मामलों के विशेषज्ञ हैं। वे अफगान नेताओं के साथ सतत संपर्क में हैं।

भारत में कब तक पीटे जाते रहेंगे जाति-वर्ण के अलग-अलग ढोल

सामाजिक वर्गीकरण केवल हिन्दू समाज का नहीं है। इसमें दूसरे धर्मावलम्बी भी हैं!

विचार: अफगानिस्‍तान में तालिबान पर क्‍यों जरूरी हो गई है चर्चा

सचमुच ऐसा लग रहा है कि तालिबानी हुकूमत से पूरी दुनिया पर आतंकवाद का कहर टूट पड़ेगा।

स्मृति शेष: एक प्रतिबद्ध विदुषी गेल ओम्वेट को अंतिम जोहार

सामाजिक कार्य करने वाले डॉ. भरत पाटणकर से उन्होंने 1978 में प्रेम विवाह किया। गेल ओमवेट हमेशा के लिए भारतीय होकर रहीं।

जब मौत आई तो उनके पास से मिले महज़ दो जोड़ी कुरता, टायर की बनी चप्पल और एक झोला

संदर्भ सचिन झा शेखर और केआरजे कुंदन की किताब

काबुल में भारत के दूतावास को बंद करने का कारण समझ से परे

तालिबान को क्या, अमेरिकियों को भी इल्म नहीं था कि अफगान-सेना इतनी जल्दी धराशायी हो जाएगी

दुनिया में आतंक नहीं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के रास्‍ते से किया जा सकता है राज

अफगानिस्तान को बर्बाद करके यह विमर्श पीछे छोड़ जाती हैं कि 'अमेरिका कैसे और क्यों हारा?' "तालिबान ने साम्राज्यवाद को कैसे हरा दिया?"

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