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अफगानिस्तान में तालिबान: आखिर भारत सरकार के रवैए में आई थोड़ी जागृति

'लेखक अफगान मामलों के विशेषज्ञ हैं। वे अफगान नेताओं के साथ सतत संपर्क में हैं।

भारत में कब तक पीटे जाते रहेंगे जाति-वर्ण के अलग-अलग ढोल

सामाजिक वर्गीकरण केवल हिन्दू समाज का नहीं है। इसमें दूसरे धर्मावलम्बी भी हैं!

विचार: अफगानिस्‍तान में तालिबान पर क्‍यों जरूरी हो गई है चर्चा

सचमुच ऐसा लग रहा है कि तालिबानी हुकूमत से पूरी दुनिया पर आतंकवाद का कहर टूट पड़ेगा।

स्मृति शेष: एक प्रतिबद्ध विदुषी गेल ओम्वेट को अंतिम जोहार

सामाजिक कार्य करने वाले डॉ. भरत पाटणकर से उन्होंने 1978 में प्रेम विवाह किया। गेल ओमवेट हमेशा के लिए भारतीय होकर रहीं।

जब मौत आई तो उनके पास से मिले महज़ दो जोड़ी कुरता, टायर की बनी चप्पल और एक झोला

संदर्भ सचिन झा शेखर और केआरजे कुंदन की किताब

काबुल में भारत के दूतावास को बंद करने का कारण समझ से परे

तालिबान को क्या, अमेरिकियों को भी इल्म नहीं था कि अफगान-सेना इतनी जल्दी धराशायी हो जाएगी

दुनिया में आतंक नहीं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के रास्‍ते से किया जा सकता है राज

अफगानिस्तान को बर्बाद करके यह विमर्श पीछे छोड़ जाती हैं कि 'अमेरिका कैसे और क्यों हारा?' "तालिबान ने साम्राज्यवाद को कैसे हरा दिया?"

अफगानिस्‍तान से भागे एक काबुलीवाले फ़नकार की कहानी उसकी ही ज़ुबानी

'अब हमारे लिए सब कुछ खत्म हो गया है, तालिबान ने फिर से कब्जा कर लिया

नक्सलवाद के कारणों को तलाशने के लिए जब एक पुलिस अधिकारी ने की पैदल यात्रा

लोगों का व्यवस्था से भरोसे का उठ जाना नक्सलवाद के उदय और विस्तार की मुख्य वजहें

भैया मेरे ..बंधन को निभाना....राखी जब फिल्‍मी गीतों में झिलमिल हुई

राखी पर बने गीतों ने एक तरह से  सिनेमा को समृद्ध किया है। भारतीय संस्कृति से हमें जोड़ने का काम किया है।

देशवासियों को आपसे बहुत आस और विश्‍वास है प्रधानमंत्री जी! 

'प्रधानमंत्री जी का कल्पना लोक जितना सुंदर है देश का यथार्थ उतना ही भयानक।

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