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बिहार में बाहुबली-7: रामचन्द्र खां बने बेगूसराय के एसपी तो कंपनी मालिक भागे नेपाल और...

बेगूसराय के मालिक, कम्पनी उर्फ कामदेव सिंह और चमत्कार

जब उर्दू के बड़े शायर ने हिंदी की कवयित्री से कहा, बेटे आप बुलाओ और मैं ना आऊं ये तो हो नहीं सकता

'दिवंगत उर्दू शायर हैरत फर्रुखाबादी के संस्‍मरण कवयित्री वीना श्रीवास्‍तव की जुबानी

बिहार में बाहुबली-6: इंदिरा गांधी के काफिले के लिए किसने करा दी थी 01 से 100 नंबर तक की सौ न्यू सौ एंबेसडर कार

'पहला बूथ कैप्चर 1957 के चुनावों में कामदेव सिंह ने कांग्रेस के सरयू प्रसाद सिंह के लिए अंजाम दिया था

भारत में एयरपोर्ट सुरक्षा की कहानी का जानिये क्‍या है तिहाड़ पर सिगरेट और चॉकलेट की बारिश से कनेक्‍शन

आज के समय में किसी अनधिकृत चिड़िया के लिए भी आसान नहीं कि सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर वह एयरपोर्ट में प्रवेश कर पाए। किन्तु एयरपोर्ट की ऐसी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था हमेशा नहीं थी। साठ के दशक तक लाठी लिए होमगार्ड के एक या दो सैनिक हवाई अड्डे की सुरक्षा ड्य

जानिये पहली सिंगिंग सुपर स्टार कानन देवी के बारे में आज जिनकी 29वीं पुण्‍यतिथि है

कानन देवी का जन्म 22 अप्रैल 1916 को एक मध्यम वर्गीय बंगाली परिवार में हुआ था।

2018 में निकाला नौकरी का विज्ञापन, 2000 फीस लेकर नगर विकास विभाग ने अभी तक नहीं ली परीक्षा

परीक्षा नहीं होने की स्थिति में अब राज्य के युवा परेशान हैं और बार बार विभाग में फोन कर पूछ रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

जयंती आज: प्रभाष जोशी ने जब बताया था हिन्दू होने का धर्म मार्फत कनक तिवारी

जनसत्‍ता के संपादक रहे वरिष्‍ठ लेखक और पत्रकार प्रभाष जोशी की आज 15 जुलाई को जयंती पर खास

बिहार में बाहुबली-5: जिसके संपर्क सीधे मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक थे, जानिये तस्कर सम्राट उर्फ कामदेव सिंह की कहानी

'कोलंबिया के सबसे बड़े ड्रग्स के स्मगलर पाब्लो एस्कोबार के धंधे का सूत्रवाक्य था Plata o Plomo(चांदी या सीसा) मतलब पैसा या गोली शायद उसे यह पता भी नहीं रहा होगा कि उससे बीस साल पहले 1970 के दशक में ही बिहार के बेगूसराय में कामदेव सिंह नामक एक भूप ने इसी स

एयर होस्टेस अविनाश कौर उर्फ रीना पासवान जब बैलगाड़ी से पहुंची रामविलास के शहरबन्नी गांव

'गुरबचन की ग्रेजुएशन छात्रा बेटी अविनाश कौर से रामविलास का मिलना हुआ

अभिनय से हर भूमिका में 'प्राण' फूँक देनेवाले फ़नकार की जिंदगी के धूप-छांव को जानिये

12 फ़रवरी,1920 को पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में बसे एक रईस परिवार में प्राण साहब का जन्म हुआ। बचपन में उनका नाम 'प्राण कृष्ण सिकंद' था।

बिहार में बाहुबली-4: और फिर इस तरह झोपड़ी में जलकर सम्राट की दंतकथा का अंत हुआ

'भागाभागी के दौरान बचने के लिए सब एक झोपड़ी में घुस गए और चूंकि अंदर से लगातार फायरिंग कर ही रहे थे सो गांववालों ने झोंपड़ी में आग लगा दी और इस तरह झोंपड़ी के अंदर लोग जल कर मर गए।

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