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30 जून को चली जाएगी 131 व्यवासायिक प्रशिक्षकों की नौकरी, साहब! नियुक्ति वर्ष का जश्न मनाएं या बेरोजगारी का मातम

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत झारखंड के उच्च तथा प्लस टू विद्यालयों में कार्यरत 131 व्यवासायिक प्रशिक्षक 30 जून से बेरोजगार हो जाएंगे। कोरोना काल की इस मुश्किल घड़ी में उनके पास 30 जून के बाद कोई काम नहीं होगा क्योंकि इस परियोजना के संचालन का जि

संपादकीय डेस्‍क से: इरफान अंसारी के बयान से क्‍या नहीं आती रंगभेद की बू !

'इरफान अंसारी ने कल अपने एक वीडियो बयान में राज्य के पूर्व मंत्री व भाजपा एसटी/एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी को निशाना बनाया है।

प्रेरक प्रसंग: जानिये आखिर एक चरवाहे की किस बात पर फटी की फटी रह गई थीं टी एन शेषन की आंखें

'प्रकृति को जानना ही ज्ञान है। बहुत सी सूचनाओं के संग्रह से कुछ नहीं प्राप्त होता। जीवन तभी आनंददायक होता है जब ज्ञान और बुद्धि के साथ प्रकृति के प्रति संवेदना भी हो। आत्मीयता हो।

पाकिस्तानी तानाशाह ने दिया था "फ्लाइंग सिंख" का खिताब, जानिए! मिल्खा सिंह की अनसुनी कहानियां

'भारत के महान एथलिट दिवंगत मिल्खा सिंह ने देश को 4 बार एशियाई केलों में स्वर्ण पदक जीतवाया। साल 1958 में मिल्खा सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। 1960 के रोम ओलंपिंक मिल्खा सिंह चौथे स्थान पर रहे। इससे पहले 1956 और बाद में 1964 ओलंपि

हेमंत जी! सब ठीक है ना...

रांची में मानसून की झमाझम का आनंद छोड़ सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अचानक दिल्ली की तपीश में झुलसने क्या चले गये सूबे का सियासी तापमान ही उछाल मारने लग गया। जितनी मुंह उतनी बातें। कोई 12 वें मंत्री पद की रेहड़ी लगाये बैठा है तो कोई बोर्ड निगम के बंटवार

ICU में झारखंड की शिक्षा व्यवस्था, 2016 टेट पास अभ्यर्थियों को अभी तक नहीं मिला शिक्षक नियुक्ति का मौका

''शिक्षा। देश या राज्य के किसी भी नागरिक का मूलभूत अधिकार है। अच्छी शिक्षा होगी तभी बेहतर मानव संसाधन तैयार होंगे। राज्य के लिए उपयोगी योगदान दे सकेंगे। हैरानी होती है कि ना तो केंद्र सरकार और ना ही राज्य इस बारे में गंभीर दिखती है। ज्यादा हैरानी की बात य

वादा नौकरियों का था...बहानों का नहीं! 3 साल बीतने को हैं, कब आएगी पंचायत सचिव की अंतिम मेधा सूची

'हेमंत सरकार रोजगार के वादे के साथ जोर-शोर से सत्ता में आई थी। चुनावी रैलियों में कहा था कि प्रत्येक साल पांच लाख नौकरियां दी जायेंगी। चुनाव बाद सवाल पूछा गया तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कहा कि नहीं, ऐसा घोषणापत्र में कहां लिखा था कि

क्या सच कोई बाहुबली था और थी उसकी महिष्मती नगरी! जानिये इतिहास की बातें

'महेश्वर अब गुजरे कल की गाथा सुनाते हुए कह रहा है कि 'देखो कल मेरी कैसी वैभवशाली झांकी थी, आज मैं अपनी पहचान को भी मोहताज़ हो गया हूं।'

देश का इकलौता हाथी गांव! जानिये कैसी है वहां खुशरंग जिंदगी, अनूठे प्रेम की दास्तां है यह

आमेर के हाथी गांव में खिल उठे महावतों के चेहरे, हाथी सजधजकर तैयार

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