logo

Followup Special News

लद्दाख की इस लड़की के हौसले की चट्टानी कहानी

'हमारे गांव के स्कूल में केवल कक्षा 8 तक ही पढ़ाया जाता है, इसलिए अधिकांश बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। पीने का पानी लेने के लिए घंटों चढऩा पड़ता है।

समझना भूल है कि भाजपा के हटने से हालात बदल जायेंगे, करना होगा आत्म-मंथन

अखबार और टीवी पर अपढ़ मूर्ख विचारक बनकर राजनीति, अर्थ नीति और संस्कृति समझायेंगे और हम सुनने को विवश हैं।

धार्मिक कठमुल्लापन और जातिवाद के खिलाफ स्वामी विवेकानंद ने बोला था जिहाद

जातिवाद, अस्पृश्यता, स्त्री-पुरुष की बराबरी, वैज्ञानिकता, सर्वधर्मसम्भाव सम्बन्धी विवेकानंद के विचार अधुनातन हैं।

कवरेज एरिया से बाहर हैं तो कैसे करें मोबाइल चालू! ऐसी कई टिप्‍स जो आपको जानना जरूरी

आज सच दुनिया मुट्ठी में आ गई है। ऐसा मोबाइल के सबब संभव हो सका है। लेकिन जब यही मोबाइल काम करना बंद कर देता है, तो हम परेशान हो उठते हैं। क्योंकि मोबाइल मौजूदा दौर की सबसे मूलभूत जरूरत बन चुका है।

पलामू: ना ट्रैकसूट ना जूता...फिर भी फर्राटे से भागती हैं सीमंती, 400 मीटर की दौड़ में पूरे प्रदेश में आईं प्रथम

झारखंड की एक और बेटी खेल जगत में प्रदेश का नाम अग्रसर करने की ओर कदम बढ़ा चुकी है। बात हो रही है सीमंती कुमारी की जिन्होंने झारखंड एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र हजारीबाग में नामांकन के लिए होने वाली 400 मीटर की दौड़ में पूरे झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किय

हूल दिवस विशेष: कैसे लड़े थे वीर सिद्धू-कान्हू-चांद और भैरव, जानिए! हूल क्रांति की पूरी कहानी

30 जून को पूरा झारखंड हूल दिवस के तौर पर मनाता है। इसी दिन भोगनाडीह गांव में हूल क्रांति का आगाज हुआ था। सिद्धो, कान्हू, चांद और भैरव ने इस दिन हूल क्रांति का बिगुल फूंका था। इसमें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी थीं उनकी दो बहनें फूलो और झानों भी। हूल

Load More