'प्रकृति को जानना ही ज्ञान है। बहुत सी सूचनाओं के संग्रह से कुछ नहीं प्राप्त होता। जीवन तभी आनंददायक होता है जब ज्ञान और बुद्धि के साथ प्रकृति के प्रति संवेदना भी हो। आत्मीयता हो।
'भारत के महान एथलिट दिवंगत मिल्खा सिंह ने देश को 4 बार एशियाई केलों में स्वर्ण पदक जीतवाया। साल 1958 में मिल्खा सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। 1960 के रोम ओलंपिंक मिल्खा सिंह चौथे स्थान पर रहे। इससे पहले 1956 और बाद में 1964 ओलंपि
रांची में मानसून की झमाझम का आनंद छोड़ सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अचानक दिल्ली की तपीश में झुलसने क्या चले गये सूबे का सियासी तापमान ही उछाल मारने लग गया। जितनी मुंह उतनी बातें। कोई 12 वें मंत्री पद की रेहड़ी लगाये बैठा है तो कोई बोर्ड निगम के बंटवार
''शिक्षा। देश या राज्य के किसी भी नागरिक का मूलभूत अधिकार है। अच्छी शिक्षा होगी तभी बेहतर मानव संसाधन तैयार होंगे। राज्य के लिए उपयोगी योगदान दे सकेंगे। हैरानी होती है कि ना तो केंद्र सरकार और ना ही राज्य इस बारे में गंभीर दिखती है। ज्यादा हैरानी की बात य
'हेमंत सरकार रोजगार के वादे के साथ जोर-शोर से सत्ता में आई थी। चुनावी रैलियों में कहा था कि प्रत्येक साल पांच लाख नौकरियां दी जायेंगी। चुनाव बाद सवाल पूछा गया तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कहा कि नहीं, ऐसा घोषणापत्र में कहां लिखा था कि
'महेश्वर अब गुजरे कल की गाथा सुनाते हुए कह रहा है कि 'देखो कल मेरी कैसी वैभवशाली झांकी थी, आज मैं अपनी पहचान को भी मोहताज़ हो गया हूं।'
आमेर के हाथी गांव में खिल उठे महावतों के चेहरे, हाथी सजधजकर तैयार
रोजगार मिला या कब मिलेगा। इसकी बात करेंगे लेकिन पहले ये जान लीजिए। 30 जून को पेयजल विभाग में कार्यरत 1118 कर्मियों की सेवा समाप्त हो जाएगी। मतलब कि ये लोग बेरोजगार हो जाएंगे। ये सभी लोग संविदा पर नियुक्त किए गए थे। भारत सरकार की नई योजना आई। स्वच्छ भारत म
भारत की आजादी के 70 वर्ष और झारखंड गठन के 20 वर्ष पूरे होने के बाद आपकी कल्पना का गांव कैसा है। जाहिर है आपकी कल्पना के गांव में पक्की सड़क, पेजयल की समुचित सुविधा, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और स्कूल होगा। अच्छी कृषि। सुखी जीवन। जीवन जीने के तमाम मूलभूत साध