रविवार की सुबह रांची में हल्का बादल छाया हुआ है लेकिन बीच-बीच में धूप भी खिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात गुलाब का असर रविवार की शाम से देखने को मिलेगा। चक्रवात का क्लाउड बैंड राज्य के दक्षिणी और मध्य जिलों तक फैला हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों म
ओड़िशा में बुधवार की सुबह लैंडफॉल के बाद यास ने ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में खूब तबाही मचाई। पश्चिम बंगाल के तकरीबन 1100 गांवों में बाढ़ आ गई। इस दौरान तूफान निचले इलाकों तक पहुंचा। कई पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिए। बिजली के खंभे सड़कों पर
चक्रवाती तूफान यास ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के तटवर्ती जिलों में असर दिखाना शुरू कर दिया है। तटवर्ती जिलों में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई है। हालांकि तूफान 26 मई की शाम को तट से टकराएगा। तब हवा की रफ्तार तकरीबन 160 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि, इसक
बिहार में चक्रवाती तूफान 'यास' का असर दिखने लगा है। कई जिलों में सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज में इसका असर दिखने लगा है। राजधानी पटना में भी गर्मी से राहत मिली है। आसमान में काले बादल छाए हुए हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना उच्च दबाव अब चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। आने वाले 24 घंटों में ये तूफान भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चक्रवाती तूफान यास 26 मई की दोपहर को पश्चिम बंगाल और ओडिश