HEC बचाओ अभियान के मद्देनजर गुरुवार को रांची के राजभवन स्थित इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया
विरोध होने पर फिर से बहाल करने का दिया आश्वासन
एचईसी के 1623 ठेका कर्मियों की नौकरी का आज चली जाएगी, क्योंकि 31 अगस्त के बाद से इन कर्मियों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाएगा।
रांची के धुर्वा स्थित संत थॉमस स्कूल का लीज एग्रीमेंट एचईसी ने रद्द कर दिया है। एचईसी का कहना है कि स्कूल ने शर्त के मुताबिक राशि का भुगतान नहीं किया है। इसे लेकर कई बार नोटिस भी दिया गया। फिर भी स्कूल प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया। आखिरकार एचईसी को स्कूल
संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि यदि प्रबंधन अविलंब वेतन का भुगतान नहीं करती। संघ के साथ सार्थक बातचीत नहीं करती तो आगे आंदोलन और उग्र होगा। इसकी रूपरेखा तय की जा रही है। संघ की मांग है कि एचईसी प्रबंधन को कम से कम 5 महीने का वेतन भुगतान करना होग
रांची स्थित भारत सरकार का उपक्रम हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HEC) कभी भी बंद हो सकता है। कंपनी की हालत बेहद खराब है। आर्थिक हालात इतने खराब हैं कि कामगारों को 8 महीने से जबकि अधिकारियों को 1 साल से वेतन नहीं मिला। कंपनी की खस्ता हालत का अंदाजा इस
एचइसी की आर्थिक हालत कितनी खराब है यह किसी से छिपी नहीं है। जिनके पैसे बकाया है वह बार-बार प्रबंधन से अपने पैसे की मांग कर रहे हैं। ताजा पत्र आया है सीआइएसएफ के आइजी का,
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में घोषणा की है कि राज्य सरकार HEC के रिवाइवल के लिए नए सिरे से प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यह सही है कि HEC राज्य के लिए गौरवशाली प्रतिष्ठान है। जिस तरह से हम अपने शहीदों को याद करते हैं यह उसी तरह की संस्थान है । इस देश
40 दिनों से HEC के बाहर बैठे कर्मचारियों ने आज अपना धरना समाप्त कर दिया है। HEC कर्मचारियों ने टूल डाउन स्ट्राइक को खत्म करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच 6 बिंदुओं पर समझौता हुआ है। बता दें कि सात माह के बकाये वेतन क
दोनों श्रमिक संगठन के नेता कर्मचारियों के बजाए प्रबंधन के आला अफसरों के लिए काम कर रहे हैं।
हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड रांची में पिछले 26 दिनों से उत्पादन ठप है। कंपनी के कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर टूल डाउन स्ट्राइक पर है। यह स्ट्राइक 2 दिसंबर को सुबह 8 बजे एक साथ निगम के एचएमबीपी, एफएफपी और एचएमटीपी में शुरू हुआ था। छह दिसंबर
सोमवार को एचईसी नागरिक संघ के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि एचईसी एशिया का सबसे बड़ा भारी उद्योग कारखाना है। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा स्थापना किए जाने के बाद एचईसी को मातृ उद्योग का दर्जा दिया गया था। एचईसी ने देश में कई बड़े