'हालावाद के अनन्य महाकवि हरिवंश राय बच्चन की आज जयंती है
भारत के वे ऐतिहासिक स्थल जो अब पाकिस्तान में हैं, जानिये इस धारावाहिक में
नारी के लिए लोहिया के मन में आदर देने की ललक थी। वे पूरी दुनिया लेकिन भारत में ज़्यादा नर नारी की गैरबराबरी को लेकर परेशान थे।
सच्चाई यह है कि साम्प्रदायिक भावना को हवा देते हैं हमारे राजनेता जिनके पास कोई संवेदना नहीं।
यह किला महाराजा रंजीत सिंह के शासन में रहा जिनके द्वारा इसमें 'बारादरी राजा ध्यान सिंह' का निर्माण कराया गया।
'ठीक यही तो विवेकानन्द भी कहते थे कि देश का मतलब नदी, पहाड़, आसमान, वनस्पति और पशु पक्षी तक नहीं मुख्यतः मनुष्य हैं।
यह एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद थी। परंतु 1986 में इस्लामाबाद में फैसल मस्जिद, (सऊदी अरब के शाह फैसल के नाम से बनवाई गई है) के बनने के बाद यह एशिया की दूसरी बड़ी मस्जिद हो गई है।
लोहिया के जीवनकाल में ही जनसाधारण और गरीब लोग उन्हें महात्मा गांधी के बाद अपना सबसे बड़ा मसीहा मानने लगे थे।
वामपंथ के शीर्ष नेता नम्बुदिरिपाद से लोहिया की एक मायने में पटरी नहीं बैठती थी। इसलिए नहीं कि नम्बुुदिरिपाद में और किसी मुद्दे को लेकर उसे मतभेद था। वह चीन के भारत पर आक्रमण के मुद्दे को लेकर तो था ही।
'आज से 45 साल पहले लोकतंत्र की हिमायत करने वालों की सबसे बड़ी शत्रु मानी जाती थी इंदिरा गांधी।
'हिंदी के वरिष्ठ लेखक असगर वजाहत की पाकिस्तान यात्रा आप 12 किस्त तक पढ़ च़ुके। अब इस सफ़र को आगे बढ़ा रहे हैं यूपी सरकार में वरिष्ठ अधिकारी रहे मंज़र ज़ैदी। भारत के वो ऐतिहासिक स्थल जो अब पाकिस्तान में हैं।
'संसद में इस सिलसिले में लोहिया का मशहूर भाषण और उस पर सरकारी हस्तक्षेप इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है तीन आने बनाम पन्द्रह आने